how to get chubby cheeks



Try the following home remedies to put some flesh on your cheeks:
  • Include physical activities in your daily routine
  • Foods that can help make your cheeks chubby:  Honey, cheese, olive oil, carrots, oats, apples, and milk
  • Mix 3 pieces of apple, 3 slices of carrot and add half cup of lemon juice to it. Drink this juice every morning to make your cheeks chubbier.
  • Olive oil is involved in the production of skin fats. Consume a tsp of olive oil daily.
  • Have a small glass of aloe vera juice daily.
  • You can have chubby cheeks by consuming 1 glass of milk in morning and at night within 3 months.
  • Apply a paste made of butter and sugar and massage gently over the face. Similarly papaya and honey mix can be applied on the face.
  • Gargling with sesame oil daily was also found to be beneficial.
  • Avoid smoking and drinking, both of which can cause skin to lose elasticity.
  • Keep your body hydrated. Have 6-8 glasses of water daily.
  • Take a deep breath through your mouth and hold the air in your mouth as if you were about to play the trumpet. Try holding on to this pose for 30-60 seconds and then blow out the air gently. This is the simplest way to work your cheek muscles and jawline.
  • Suck in your cheeks as much as you can until you are making the fish lips. Pucker out your top and bottom lips, imitating a fish. Try to hold this position while you try to smile. Hold the smile for 20 seconds and relax your facial muscles. Repeat this facial exercise for chubby cheeks at least 10 times, thrice a day.

विश्व प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर की १२ खास बातें



मकर संक्रांति पर सूर्य की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन देशभर के सभी सूर्य मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। यहां जानिए विश्व प्रसिद्ध कोणार्क के सूर्य मंदिर की कुछ खास बातें...
1. उड़ीसा के कोणार्क सूर्य मंदिर का आकार रथ की तरह दिखाई देता है। यह मंदिर भारत की मध्यकालीन वास्तुकला का अनोखा उदाहरण है।
2. इस मंदिर का निर्माण राजा नरसिंहदेव ने 13वीं शताब्दी में करवाया था। ये मंदिर विशिष्ट आकार और शिल्पकला के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
3. करीब 112 साल से मंदिर में रेत भरी हुई है। कई आक्रमणों और प्राकृतिक आपदाओं के कारण मंदिर को नुकसान हो चुका था इसलिए 1903 में बंद कर दिया गया था।
4. कई बार यह बात वहां जाने वाले को ही नहीं पता होती कि मंदिर का अहम हिस्सा जगमोहन मंडप बंद है।
5. एक अन्य मान्यता के अनुसार भगवान कृष्ण के बारह वर्षों से लकवाग्रस्त पुत्र सांब को सूर्य देव ने ठीक किया था। इसलिए श्रीकृष्ण ने सूर्य देव को समर्पित इस मंदिर का निर्माण किया था।
6. शास्त्रों में बताया गया है कि सूर्य देव के रथ में बारह जोड़ी पहिए हैं और रथ को खींचने के लिए उसमें 7 घोड़े जुते हुए हैं। इसी मान्यता के आधार पर कोणार्क में भी रथ के आकार का मंदिर बनाया गया, जिसमें पत्थर के पहिए और घोड़े बने हैं।
7. यहां की सूर्य प्रतिमा पुरी के जगन्नाथ मंदिर में सुरक्षित रखी गई है और अब यहां देव मूर्ति नहीं है।
8. सूर्य मंदिर समय की गति को भी दर्शाता है, जिसे सूर्य देव नियंत्रित करते हैं।
9. पूर्व दिशा की ओर जुते हुए 7 घोड़े सप्ताह के सातों दिनों के प्रतीक हैं।
10. 12 जोड़ी पहिए दिन के चौबीस घंटे दर्शाते हैं, वहीं इनमें लगी 8 ताड़ियां दिन के आठों प्रहर की प्रतीक हैं।
11. कुछ लोगों का मानना है कि 12 जोड़ी पहिए साल के बारह महीनों को दर्शाते हैं।
12. मंदिर में पत्थरों पर कई विषयों और दृश्यों पर मूर्तियां बनाई गई हैं। ये मूर्तियां बहुत ही आकर्षक हैं और इस मंदिर की पहचान हैं।

क्या कहती है आपके हाथ की रेखाएं ?






हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं का विशेष महत्व है। इसमे सम्मलित लक्षण जैसे क्रास, सितारे, वर्गों और अर्धचन्द्राकार का अध्ययन हथेली द्वारा किया जाता है। यह रेखाएं व्यक्ति का भविष्य, शुभ संकेत और अशुभ संकेत दर्शाती हैं। इन संकेतो का निर्माण व्यक्ति के विचार और कर्मों पर भी निर्भर होता है। यह रेखाएं अपने नाम के अनुसार परिणाम देती हैं। हस्तरेखाविद् द्वारा हस्तरेखाएं जो विश्व भर मे प्रचलित है उनका विवरण नीचे किया जा रहा है

मस्तिष्क रेखा | Mastishk Rekha

मस्तिष्क रेखा का आरंभ तर्जनी उंगली के नीचे से होता हुआ हथेली के दूसरे तरफ जाता है जब तक उसका अंत न हो । ज्यादातर, यह रेखा जीवन रेखा के आरंभिक बिन्दु  को स्पर्श करती है। यह रेखा व्यक्ति के मानसिक स्तर और बुद्धि के विश्लेषण को, सीखने की विशिष्ट विधा, संचार शैली और विभिन्न क्षेत्रों के विषय मे जानने की इच्छा को दर्शाती है।

हृदय रेखा | Hriday  Rekha

हृदय रेखा का उद्गम कनिष्ठा उंगली के नीचे से हथेली को पार करता हुआ तर्जनी उंगली के नीचे समाप्त होता है। यह हथेली के उपरी हिस्से में उंगलियों के ठीक नीचे होती है। यह हृदय के प्राकृतिक और मनोवैज्ञानिक स्तर को दर्शाती है। यह रोमांस कि भावनाओं, मनोवैज्ञानिक सहनशक्ति, भावनात्मक स्थिरता  और अवसाद की संभावनाओं का विश्लेषण करने के साथ ही साथ हृदय संबंधित विभिन्न पहलुओं की भी व्याख्या करती है।

जीवन रेखा | Jeevan Rekha

जीवन रेखा अंगूठे के आधार से निकलती हुई, हथेली को पार करते हुए वृत्त के आकार मे कलाई के पास समाप्त होती है। यह सबसे विवादास्पद रेखा है। यह रेखा शारीरिक शक्ति और जोश के साथ शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की भी व्याख्या करती है। शारीरिक सुदृढ़ता और महत्वपूर्ण अंगों के साथ समन्वय, रोग प्रतिरोधक क्षमता और स्वास्थ्य का विश्लेषण करती है।

भाग्य रेखा | Bhagya Rekha

भाग्य रेखा कलाई से आरंभ होती हुई चंद्र पर्वत से होते े हुये जीवन रेखा या मस्तिष्क या हृदय रेखा तक जाती है। यह रेखा उन तथ्यों को भी दर्शाती जो व्यक्ति के नियंत्रण के बाहर हैं, जैसे शिक्षा संबंधित निर्णय, कैरियर विकल्प, जीवन साथी का चुनाव और जीवन मे सफलता एवं विफलता  आदि।

सूर्य रेखा | Surya Rekha

सूर्य रेखा को अपोलो रेखा, सफलता की रेखा या बुद्धिमत्ता की रेखा के नाम से भी जाना जाता है। यह रेखा कलाई के पास चंद्र पर्वत से निकलकर अनामिका तक जाती है। यह रेखा व्यक्ति के जीवन मे  प्रसिद्धि, सफलता और प्रतिभा  की  भविष्यवाणी करती है।

स्वास्थ्य रेखा | Swasthya Rekha

स्वास्थ्य रेखा को बुध रेखा के रूप में भी जाना जाता है । यह कनिष्ठा के नीचे बुध पर्वत से आरंभ हो कर कलाई तक जाती है। इस रेखा द्वारा लाइलाज बीमारी को जाना जा सकता है। इसके द्वारा व्यक्ति के सामान्य स्वास्थ्य की भी जानकारी मिलती है।

यात्रा रेखाएँ | Yatra Rekha

ये  क्षैतिज रेखाएं कलाई और हृदय रेखा के बीच हथेली के विस्तार पर स्थित है। यह रेखाएं व्यक्ति की यात्रा की अवधि की व्याख्या, यात्रा में बाधाओं और सफलता का सामना तथा यात्रा मे व्यक्ति के स्वास्थ्य की दशा को भी दर्शाती है।

विवाह रेखा | Vivah Rekha

क्षैतिज रेखाएं कनिष्ठा के बिल्कुल नीचे और हृदय रेखा के ऊपर स्थित विवाह रेखाएं कहलाती है। यह रेखाएं रिश्तों में आत्मीयता, वैवाहिक जीवन में खुशी, वैवाहिक दंपती के बीच प्रेम और स्नेह के अस्तित्व को दर्शाता है। विवाह रेखा का विश्लेषण करते समय शुक्र पर्वत और हृदय रेखा को भी ध्यान मे रखना चाहिये।

करधनी रेखाएं | Kardhani Rekha

करधनी रेखा का आरंभ अर्धवृत्त आकार में कनिष्ठा और अनामिका उंगली के मध्य में और अंत  मध्यमा उंगली और तर्जनी  पर होता है। इसे गर्डल रेखा या शुक्र का गर्डल भी कहते हैं। यह व्यक्ति को अति संवेदनशील और उग्र बनाती है। जिन व्यक्तियों मे गर्डल या शुक्र रेखा पाई जाती है वह व्यक्ति की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है।

सिमीयन रेखा | Simian Rekha

जो रेखा हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा को गठित करती है। सिमीयन रेखा, सिमीयन फोल्ड, सिमीयन क्रीज और ट्रांस्वर्स पाल्मर क्रीज़ के रुप में भी जानी जाती है। यह एक दुर्लभ रेखा है, मस्तिष्क और हृदय के संयोजन का प्रतिनिधित्व करती है। यह सिमीयन रेखा व्यक्ति मे मानसिक धैर्य और संवेदनशीलता  को दर्शाती है।

Tips for goitre!


The swelling of thyroid gland in the neck is called goitre and affects more women than men. The main cause of this is iodine deficiency.

Symptom: Losing or Gaining Weight

Changes in weight can signal an abnormal function of the thyroid gland. Low levels of thyroid hormones (hypothyroidism) can cause weight gain, while unexpected weight loss can signal that too many thyroid hormones are being produced (hyperthyroidism). Hypothyroidism is much more common than hyperthyroidism.

Symptom: Swollen Neck

A goiter is an enlargement of the thyroid gland, As shown here; an enlarged thyroid can be seen as a swelling in the front of the neck. A goiter can occur both as a result of hypothyroidism and hyperthyroidism. It can sometimes also result from tumors or nodules that develop within the thyroid gland.

Symptom: Changes in Heart Rate

The hormones made in the thyroid gland affect almost every organ in the body, including the heart. Hypothyroidism can cause the heart to beat more slowly while hyperthyroidism causes a fast heartbeat. Elevated levels of thyroid hormones also can lead to increases in blood pressure and the sense that your heart is pounding (palpitations).

Symptom: Changes in Mood or Energy

Thyroid disorders can affect emotions, energy, and mood. Hypothyroidism can cause symptoms like depression, tiredness, and feeling sluggish. Hyperthyroidism is associated with sleep disturbances, irritability, anxiety, and restlessness.

Symptom: Hair Loss

Hair loss is a common sign of a thyroid problem. Both too high and too low levels of thyroid hormones can lead to hair loss. The hair typically grows back once the condition is treated.


Other symptoms and signs of hypothyroidism include:

Constipation
Changes or abnormalities in the menstrual cycle
Dry skin and brittle nails
Tingling and numbness in the hands or fingers


Other symptoms and signs of hyperthyroidism include:

Problems with vision
Diarrhea
Irregularities in the menstrual cycle
Trembling hands
Muscle weakness

Here are some tips to cure goitre.

- Avoid foods such as tea, coffee, white flour products, white sugar, condiments and pickles.
- Take food rich in iodine such as cabbage, garlic, asparagus, oats, carrots, onions, tomatoes, strawberries, watercress and whole rice.
- Mix 2 tbsp crushed flax seeds with water and make a paste. Apply this paste on the throat and wash it after 20 minutes.
- Eating vitamin A rich food such as sweet potatoes, cayenne, red pepper, carrots, dried herbs, cantaloupe, papaya, mango, tomato, green peas etc.
- Eating food rich in vitamin B is also necessary. Grapes, meat, soy bean, cereal, okra, broccoli, water melon, guava, dates are a few examples.
- Make sure to never skip meals and also eat 5-6 small meals instead of 3. Try getting enough rest and exercise regularly.
- Selenium deficiency and vitamin B deficiency can also cause hyperthyroidism. Make sure to get enough selenium and vitamin B in your diet.



स्किन केयर के 7 टॉप घरेलू और हर्बल नुस्खे

1. नींबू
निखरी और दमकती त्वचा के लिए नींबू काफी कारगर होता है। नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है और त्वचा को साफ करता है। इसमें पाया जाने वाला विटामिन सी त्वचा के काले धब्बे को ही नहीं हटाता है बल्कि कोशिका पुनर्जीवन की प्रक्रिया को भी तेज करता है। नींबू में ब्लीचिंग का भी गुण होता है, जिससे आपकी त्वचा तरोताजा महसूस करती है।
चेहरे और गर्दन पर ताजा निचोड़ा हुआ नींबू का रस लगाएं। 10 मिनट के बाद गुनगुने पानी से धो लें। इसके बाद त्वचा को मॉइश्चराइज करने के लिए अपनी त्वचा पर खीरे  के स्लाइस रगड़ें। इसे रोज या हर दूसरे दिन करने से त्वचा में काफी निखार आएगा।
एक दूसरा विकल्प यह भी है कि एक आधा नींबू का रस निचोड़ और उसमें दो बड़े चम्मच शहद मिला कर चेहरे पर लगाएं। 15 से 20 मिनट के बाद इसे धो लें। काफी फायदा होगा।
स्किन एक्सफोलिएट करने की विधि में भी नींबू काफी फायदेमंद है। दो चम्मच नींबू का रस और दो चम्मच चीनी का मिश्रण तैयार कर लें। इसे अपने चेहरे, गर्दन और हाथों पर लगाएं। 10 मिनट के बाद गुनगुने पानी से इसे काफ करें त्वचा में चमक दिखती नजर आएगी। इस विधि को सप्ताह मे एक दिन आजमाएं।
2. हल्दी
हल्दी त्वचा पर कटे-फटे के निशान और दाग-धब्बे को कम करने में काफी कारगर है। यह एक बेहतर एंटीसेप्टिक क्रीम और त्वचा को चमकाने वाला एजेंट है। इसके अलावा हल्दी स्किन एलर्जी, सूजन और त्वचा संक्रमण समेत कई तरह के स्किन के बीमारियों के लिए रामबाण है। बेजान और नीरस लगने वाली त्वचा में हल्दी जान और चमक लाती है।
एक चम्मच हल्दी और पर्याप्त अनानास के रस के साथ हल्दी पाउडर का एक चम्मच मिश्रण तैयार करें। इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर लगाएं। पेस्ट पूरी तरह से सूख जाने के बाद उसे गुनगुने पानी से धो लें। त्वचा पर धब्बे को मिटाने के लिए यह काफी कारगर उपाय है। इस उपाय को सप्ताह में दो या तीन बार आजमाएं काफी फायदा होगा।
एक छोटे से बर्तन में पानी या दूध के साथ हल्दी पाउडर और बेसन को बराबर मात्रा में मिलाकर एक पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को त्वचा पर समान रुप से लगाएं। सूख जाने पर गुनगुने पानी से धो लें। यह स्किन की स्क्रबिंग का सबसे आसान उपाय है। स्किन टोन में चमक लाने और त्वचा पर हुए निशान हटाने के लिए सप्ताह में एक बार इसे आजमाएं।
3. शहद 
बेदाग और निखरी त्वचा के लिए आपको अपनी त्वचा को बराबर मॉइश्चराइज्ड रखना होगा। शहद एक कारगर और बेहतर मॉइश्चराइजर है। अपनी त्वचा पर कच्चा शहद लगाएं। इसे स्वाभाविक रुप से सूखने दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। शहद और पानी दोनों मिलकर आपकी त्वचा को नरम और कोमल बनाते हैं। इससे त्वचा मॉइश्चराइज भी होती है। दिन में एक बार या हर दूसरे दिन इस सरल उपाय को आजमाएं।
एक दूसरे विकल्प में दो चम्मच दूध और एक चम्मच शहद का मिश्रण तैयार कर लें। फिर इसमें बेसन की बराबर मात्रा मिलाकर फेसमास्क की तरह इस्तेमाल करें। इसे चेहरे पर लगाएं। 20 मिनट के बाद गुनगुने पानी से साफ करें। स्किन में काफी ग्लो आएगा। इसे सप्ताह में एक बार आजमाएं
4. ऐलो वेरा
ऐलो वेरा त्वचा को कई फायदे पहुंचाता है। यह निशान को मिटाता है और त्वचा में खुजली शांत करता है। ऐलो वेरा में एंटी बैक्टेरियल गुण है जो मुंहासे खत्म करता है। इतना ही नहीं इसमें कसैले गुण होने के कारण यह दाग-धब्बे को भी खत्म करता है।
ऐलो वेरा लगाने से त्वचा में नमी आती है। ऐलो वेरा की पत्ती से जेल निकालें। जेल को रुई मे लगा कर चेहरे पर लगाएं। आधे घंटे के बाद गुनगुने पानी से धो लें। काफी फायदा मिलेगा।
5. बेकिंग सोडा
बेकिंग सोडा स्किन के pH level को नियंत्रित करता है। त्वचा में नमी और संवेदनशीलता के लिए स्किन का pH level काफी मायने रखता है। इसमें एंटी सेप्टिक और एंटी इंफ्लामेटरी गुण भी होते हैं जिसके कारण यह त्वचा पर हुए मुंहासे, पिंप्लस और दाग को हटाने में काफी मदद करता है। यह एक बेहतर exfoliating एजेंट है जिसके कारण यह त्वचा से अशुद्धता, गंदगी और मृत कोशिका को हटाने में काफी कारगर है।
6. खीरा 
खीरा न सिर्फ त्वचा को पोषण देता है बल्कि यह त्वचा में नमी भी बनाए रखती है। इसमें जो कसैला गुण होता है वो त्वचा की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत कर स्किन में चमक लाता है।
एक ताजा खीरे का मोटा स्लाइस काट कर चेहरे पर अच्छी तरह से रगड़ें। रात भर उसे त्वचा पर छोड़ दें और सुबह पानी से धो दें। बिस्तर पर जाने से पहले इसे रोज करें। स्किन तरोताजा रहेगी और चमक भी आएगी।
7. तरबूज 
तरबूज में भरपूर मात्रा में विटामिन ए होता है जो त्वचा को नरम और मुलायम बनाता है और विटामिन सी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। इनमे काफी मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं जिससे स्किन में जल्दी एजिंग की शिकायत नहीं आती है।
तरबूज को घरेलू फेस पैक की तरह भी उपयोग में लाया जा सकता है। यह सन बर्न, टैनिंग, दाग धब्बे, झाई को खत्म करता है। इसमें 94 प्रतिशत पानी होता है जिसमें विटामिन ए, बी 6 और सी मौजूद हैं। यह त्वचा की नमी को बनाए रखता है।
और भी हैं कई घरेलू नुस्खे
खीरे के रस को थोड़े से दूध के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह क्लींजर का काम करेगा।
केले को मथ करके लगभग 20 मिनट के लिए चेहरे पर लगाकर रखें। यह ड्राई स्किन के लिए काफी फायदेमंद है।
पपीते और खीरे, टमाटर का जूस व केले के पल्प को स्किन के टोनिंग के लिए आजमाएं।
संतरे के पाउडर में दूध मिलाकर तैयार पेस्ट से चेहरे की स्क्रबिंग करें। इससे त्वचा साफ-सुंदर हो जाएगी।
एवोकाडो, शहद, नींबू का रस व दही को एक साथ फेंटे। इसे क्रीम की तरह बना लें। फिर इससे चेहरे और गर्दन की मसाज करें। इससे त्वचा चिकनी बनी रहती है।

घरेलु लेकीन बहुत ही चमत्कारी दवा







250 ग्राम मैथीदाना 






100 ग्राम अजवाईन






50 ग्राम काली जीरी (ज्यादा जानकारी के लिए नीचे देखे)


उपरोक्त तीनो चीजों को साफ-सुथरा करके हल्का-हल्का सेंकना(ज्यादा सेंकना नहीं) तीनों को अच्छी तरह मिक्स करके मिक्सर में पावडर बनाकर कांच की शीशी या बरनी में भर लेवें ।
रात्रि को सोते समय एक चम्मच पावडर एक गिलास पूरा कुन-कुना पानी के साथ लेना है। गरम पानी के साथ ही लेना अत्यंत आवश्यक है लेने के बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है। यह चूर्ण सभी उम्र के व्यक्ति ले सकतें है।
चूर्ण रोज-रोज लेने से शरीर के कोने-कोने में जमा पडी गंदगी(कचरा) मल और पेशाब द्वारा बाहर निकल जाएगी । पूरा फायदा तो 80-90 दिन में महसूस करेगें, जब फालतू चरबी गल जाएगी, नया शुद्ध खून का संचार होगा । चमड़ी की झुर्रियाॅ अपने आप दूर हो जाएगी। शरीर तेजस्वी, स्फूर्तिवाला व सुंदर बन जायेगा ।
‘‘फायदे’’
1. गठिया दूर होगा और गठिया जैसा जिद्दी रोग दूर हो जायेगा ।
2. हड्डियाँ मजबूत होगी ।
3. आॅख का तेज बढ़ेगा ।
4. बालों का विकास होगा।
5. पुरानी कब्जियत से हमेशा के लिए मुक्ति।
6. शरीर में खुन दौड़ने लगेगा ।
7. कफ से मुक्ति ।
8. हृदय की कार्य क्षमता बढ़ेगी ।
9. थकान नहीं रहेगी, घोड़े की तहर दौड़ते जाएगें।
10. स्मरण शक्ति बढ़ेगी ।
11. स्त्री का शारीर शादी के बाद बेडोल की जगह सुंदर बनेगा ।
12. कान का बहरापन दूर होगा ।
13. भूतकाल में जो एलाॅपेथी दवा का साईड इफेक्ट से मुक्त होगें।
14. खून में सफाई और शुद्धता बढ़ेगी ।
15. शरीर की सभी खून की नलिकाएॅ शुद्ध हो जाएगी ।
16. दांत मजबूत बनेगा, इनेमल जींवत रहेगा ।
17. नपुसंकता दूर होगी।
18. डायबिटिज काबू में रहेगी, डायबिटीज की जो दवा लेते है वह चालू रखना है। इस चूर्ण का असर दो माह लेने के बाद से दिखने लगेगा । जिंदगी निरोग,आनंददायक, चिंता रहित स्फूर्ति दायक और आयुष्ययवर्धक बनेगी । जीवन जीने योग्य बनेगा ।
कुछ लोग कलौंजी को काली जीरी समझ रहे है जो कि गल्त है काली जीरी अलग होती है जो आपको पंसारी/करियाणा की दुकान से मिल जाएगी जिसके नाम इस तरह से है
हिन्दी कालीजीरी, करजीरा।
संस्कृत अरण्यजीरक, कटुजीरक, बृहस्पाती।
मराठी कडूकारेलें, कडूजीरें।
गुजराती कडबुंजीरू, कालीजीरी।
बंगाली बनजीरा।
अंग्रेजी पर्पल फ्लीबेन।
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